‘अक्षरांजलि’ : समय, साहित्य और रचनाधर्मिता के लिए प्रतिबद्ध शोध
और विमर्श केंद्रित अर्धवार्षिक ई-पत्रिका है। पत्रिका का उद्देश्य समय, साहित्य और रचनाधर्मिता
के क्षेत्र में विमर्श व शोध को बढ़ावा देना है। अक्षरांजलि पत्रिका साहित्य और कला
के क्षेत्र में सार्थक संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करती
है। पत्रिका में विभिन्न वैचारिक स्तंभों का समावेश किया गया है, जो इस प्रकार हैं- भाषा, साहित्य और संस्कृति (आलेख), मीडिया और सिनेमा (आलेख), समकालीन विमर्श (दलित विमर्श, आदिवासी विमर्श, स्त्री विमर्श आदि), शोध पत्र, कविता, कहानी, लघु कथा, बाल साहित्य, लोक साहित्य, रंगमंच, प्रवासी साहित्य, पुस्तक समीक्षा, साक्षात्कार, अनुवाद, साहित्य दर्शन आदि।अक्षरांजलि का उद्देश्य भारतीय सामासिक संस्कृति, जीवन-दर्शन तथा इसकी एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने में सहायक
संभावित वैचारिक विकल्पों की खोज करना है, साथ ही यह कला जगत के समकालीन प्रतिमानों की पड़ताल और नवाचार को भी
प्रोत्साहित करती है।
हम कला और साहित्य जगत के प्रतिष्ठित हस्ताक्षरों, सृजनकर्मियों और पाठकों का अक्षरांजलि में हार्दिक स्वागत करते हैं। आपके सार्थक लेखन एवं बहुमूल्य सुझाव पत्रिका को एक सशक्त वैचारिक मंच के रूप में स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पत्रिका प्रत्येक वर्ष में दो बार (जून और दिसंबर) नियमित रूप से प्रकाशित की जाएगी।
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