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कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा...

 मैं तो इक नज़्म तक नहीं कह पा रहा जब से तुझ को देखा है चांद  कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा तेरे इश्क़ की चांदनी रातों में  कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा तेरे इश्क़ की मखमली बाहों में कैसे फूल खिलाते होंगे राहों में यादों के नाज़ुक कोरे पन्नों पर कैसे लबों से शबनम धरता होगा कैसे दरिया का पानी बहता होगा तेरे इश्क की चांदनी रातों में  कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा  ये सर्द हवाएं है कि तुम हो यहीं कहीं मगर कोई कहता है तुम नहीं हो कहीं कहां हो कैसे हो कैसे जान लेते होंगे इतने दूर से भला कैसे पहचान लेते होंगे यकीनन तू ही उनसे कुछ कहता होगा फिर तू ही छुप-छुप के उन्हें सुनता होगा फिर अचानक आकर ख़बर करता होगा तेरे इश्क़ की चांदनी रातों में कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा बालाएं लेते हुए नरम हाथ होंगे दुआएं देते हुए सितारे साथ होंगे कैसी सुर ताल होगी कैसे गान होंगे रोशनी होगी तो चराग मेहमान होंगे खुश ख्वाहिशों के सारे खानदान होंगे  लफ़्ज़ कितने ही महरूम बेजान होंगे  कैसे कोई उनमें मानी भरता होगा तेरे इश्क़ की चांदनी रातों में कैसे कोई ग़ज़ल कहता होगा        ...

रचना नियमावली

 

 

रचना भेजने के न्यूनतम नियम

 

प्रकाशन सीमा

  1. प्रत्येक अंक में अधिकतम आठ कवियों और पाँच कहानियों को स्थान दिया जाएगा।
  2. अपनी रचना किसी एक ही विधा में भेजें।
  3. एक से अधिक विधा में रचना स्वीकार नहीं की जाएगी।
  4. AI द्वारा लिखा गया कंटेन्ट अगर भविष्य में पता चलता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी रचनाकार/लेखक की होगी। पत्रिका और उसका पूरा सम्पादन मण्डल किसी भी प्रकार से अपनी जिम्मेदारी नहीं लेगा। अतः आपसे निवेदन है कि रचना भेजते समय इस बात का सूक्ष्म रूप से ध्यान रहें।

शोध आलेख का प्रारूप 

  1. शोध सार (150 शब्दों में)
  2. बीज शब्द (कम से कम 10)
  3. मूल आलेख (2000 से 5000 शब्दों में)
  4. निष्कर्ष (अनिवार्य)
  5. रेफरेंस (कम से कम 10)
  6. एंड नोट ( फूट नोट स्वीकार नहीं होंगे।)… MLA तथा APA में।

स्वीकार्य प्रारूप

  1. केवल एमएस-वर्ड में टाइप की गई रचनाएँ स्वीकार्य होंगी।
  2. हस्तलिखित अथवा ईमेल बॉडी में टाइप की गई रचनाएँ अस्वीकार कर दी जाएंगी।
  3. रचना यूनिकोड मंगल (फॉन्ट आकार 12) या कोकिला (फॉन्ट आकार 14) में ही टाइप करके भेजें।
  4. अपनी रचना बिना प्रूफरीड किए न भेजें। अत्यधिक त्रुटियाँ होने पर रचना अस्वीकृत की जा सकती है।
  5. आलेख की मौलिकता और अप्रकाशित होने का सत्यापन देना अनिवार्य है। (अलग से कोई विशिष्ट फोर्मेट नहीं है इसलिए ई-मेल में ही लिखकर भेज सकते हैं।
  6. सामग्री चयन, सम्पादन और प्रकाशन का अंतिम निर्णय सम्पादक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
  7. आपकी रचना में सम्पादन के दौरान अपनी तरफ से कोई अंश जोड़ेंगे नहीं पर कुछ अंश ज़रूरत के अनुसार काट-छाँट करते हुए संपादक मण्डल हटा सकते हैं। रचना में बहुत अधिक सुधार की स्थिति में रचना अस्वीकर कर दी जाएगी।

रचना प्रेषण प्रक्रिया

  1. रचना को एमएस-वर्ड एवं पीडीएफ दोनों प्रारूपों में एक ही ईमेल (editorashranjali@gmail.com) पर भेजें और पहले पृष्ठ पर अपना नाम, पता, फोन नंबर व ईमेल स्पष्ट रूप से अंकित करें।

 

स्वीकृति प्रक्रिया

  1. रचना प्राप्त होने मात्र से उसका प्रकाशन सुनिश्चित नहीं होता।
  2. समीक्षा की पीअर रिव्यू (समीक्षा प्रक्रिया) के बाद ही स्वीकृति या अस्वीकृति का निर्णय लिया जाएगा।

संशोधन एवं उत्तरदायित्व

  1. पीअर रिव्यू के उपरांत आवश्यक संशोधनों हेतु आपको ईमेल द्वारा सूचित किया जाएगा।
  2. समय पर उत्तर देकर पत्रिका के निर्धारित कार्यक्रम में सहयोग करें।

रचना प्रेषण संबंधी नियम

  1. केवल निर्धारित ईमेल पते पर रचना भेजें, संपादकीय या परामर्श मंडल के व्यक्तिगत ईमेल पर भेजी गई रचनाएँ स्वीकार नहीं की जाएँगी।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  1. पत्रिका रचनाकारों को कोई मानदेय या शुल्क प्रदान नहीं करती।
  2. विशेषांक अथवा अन्य विषयगत रचनाओं की जानकारी हेतु पत्रिका की वेबसाइट व फेसबुक पेज नियमित देखें।

 

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